चुनाव में जीत हासिल करने के लिए महीनों से भाग-दौड़ करने वाले विभिन्न दलों के प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो जाएगा। 11 मार्च को उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। चुनाव के अंतिम समय तक प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान के लिए प्रयास करते रहे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा, सपा, बसपा सहित विभिन्न दलों के कुल 71 प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। जिसमें कई निर्दल भी शामिल हैं। विभिन्न दलों के लोग महीनों से चुनाव की जमीन तैयार करने में लगे हुए थे, लेकिन चुनाव की अधिसूचना जारी होने और नामांकन करने के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव फतह करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
मतदाताओं को अपने पाला में करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आजम खां, लालू यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, सांसद मनोज तिवारी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बसपा प्रदेश, रामअचल राजभर सहित अन्य बड़े नेता जिले में चुनावी सभा कर चुके हैं।
यही नहीं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में लगातार ताबड़तोड़ सभाएं कर मतदाताओं को अपने पाला में लाने की कवायद की थी। इसके साथ ही प्राय: सभी दल और निर्दल प्रत्याशी मतदाताओं को दरवाजे पर पहुंचकर उनसे वोट की अपील में जुटे रहे। 6 मार्च की शाम 5 बजे चुनाव प्रचार का भोपू बंद होने के बाद प्रत्याशियों ने युद्ध स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करना शुरु कर दिया।
मतदान के अंतिम समय तक प्रत्याशी मतदाताओं से वोट की अपील करते रहे। महीनों से वोट के लिए भाग-दौड़ करने वाले प्रत्याशियों का परिश्रम आज ईवीएम में कैद हो जाएगा। गणना के बाद उनके मेहनत का फल इसी ईवीएम में बाहर निकलेगा। चुनावी खेल में किसकी जीत होगी और किसकी हार, यह तो मतों की गणना होने के बाद ही तय हो सकेगा, लेकिन चुनाव फतह करने के लिए अंतिम समय तक प्रत्याशी हांफते रहे।