दिलदारनगर थाना क्षेत्र के जेके मेमोरियल अस्पताल में कर्मियों द्वारा गर्भवती महिला को मारने-पीटने से मरा हुआ बच्चा पैदा होने के मामले में पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जमानिया सीओ द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है। इधर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ित पक्ष के चार- पांच लोगों का मेडिकल कराया। साथ ही दो नवंबर को भदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी।
बीते 30 अक्टूबर को नगसर थाना क्षेत्र के गोहदा विशनपुर निवासी अजय ने गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। उनका आरोप है कि अस्पताल की संचालिका ने प्रसव के लिए पहले तो 33 हजार रुपये जमा कराया। इसके बाद फिर 40 हजार की मांग की गई। पैसा नहीं देने पर मारपीट पीटकर गर्भवती पत्नी को अस्पताल से बाहर करा दिया गया था।
बाद में ढढनी सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया गया जहां मृत नवजात पैदा हुआ था। परिजनों की तहरीर पर 31 अक्टूबर को पुलिस ने संचालिका सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष अशेषनाथ सिंह ने बताया कि इस मामले की सीओ जमानिया द्वारा जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। इस संबंध में डा. धनंजय आनंद ने बताया कि पीड़ित पक्ष के चार लोगों का मेडिकल कराया गया है। टीम दो नवंबर को अस्पताल पहुंचेगी और जांच करेगी।