बिरनो थाना क्षेत्र के इनवा चट्टी पर मंगलवार की सुबह यूबीआई ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से दिनदहाड़े बाइक सवार दो नकाबपोश लुटेरों ने तमंचा सटाकर चार लाख रुपये और लैपटॉप लूट लिया। वारदात को अंजाम देकर लुटेरे तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस पीड़ित से पूछताछ करने के साथ नाकेबंदी करके घंटों छानबीन में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पीड़ित ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
भीखमपुर गांव निवासी रामाशीष यादव ने इनवा चट्टी पर यूबीआई ग्राहक सेवा केंद्र खोला है। प्रतिदिन की तरह सुबह करीब दस बजे वह केंद्र खोलने के लिए शटर उठा ही रहे थे कि पीछे से बाइक सवार दो नकाबपोश पहुंचे और तमंचा सटाकर चार लाख रुपये से भरा बैग लेने लगे। इस पर संचालक ने जब विरोध किया तो लुटेरों ने उसे मारपीटकर बैग छीन लिया और हंसराजपुर की ओर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित से पूछताछ करने के बाद नाकेबंदी करके लुटेरों को चिह्नित कर दबोचने में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। पीड़ित केंद्र संचालक रामशीष यादव ने बताया कि बीते 31 अक्टूबर को यूनियन बैंक बिरनो से साढ़े तीन लाख रुपये निकाले थे और 50 हजार रुपये खाताधारकों द्वारा मिला था। रोजाना की तरह केंद्र खोलने पहुंचा और शटर खोल ही रहे थे कि बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा सटाकर रुपयों वाला बैग और लैपटॉप लूटकर फरार हो गए।
इधर जानकारी होते ही डायल 112 पुलिस टीम और थानाध्यक्ष शीतलचंद्र घटना स्थल पर पुलिस टीम के साथ पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे भी मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद मातहतों को जल्द से जल्द घटना का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया। पीड़ित ने तहरीर देकर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में थानाध्यक्ष शीतल चंद्र ने बताया कि जल्द ही लुटेरों को चिह्नित कर घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
तीन टीम गठित, खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
एसपी रोहन पी बोत्रे ने ग्राहक सेवा केंद्र संचालक से दिनदहाड़े हुए लूट के मामले का पर्दाफाश करने के लिए तीन टीम गठित की है। एसपी के निर्देश पर टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया गया है। टीम आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाल रही है, जिससे जल्द से जल्द घटना का पर्दाफाश किया जा सका।
नंबर प्लेट पर लुटेरों ने लगाई थी मिट्टी
ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने बताया कि लूट को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने बाइक के नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाई थी, जिससे उनकी पहचान न हो सके। इधर ग्रामीणों में चर्चा थी कि वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरों ने पहले रेकी करके संचालक के आने और केंद्र खोलने के साथ बंद होने का ब्यौरा खंगाला होगा। इसके बाद ही दिनदहाड़े घटना को अंजाम दिया है।