गाजीपुर। नगसर हाल्ट थाना स्थित उजराडीह कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को करंट लगने से एक मासूम की मौत हो गई। पहले मामला को दबाने की पूरी कोशिश की गई। हालांकि देर शाम मामला संज्ञान में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने विद्यालय के छह शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
बताते हैं कि गांव की ही एक साढ़े चार वर्ष की रागिनी दोपहर एक बजे विद्यालय आई थी। वह हैंडपंप के से पानी पीने के लिए पहुंची थी कि करंट प्रवाहित तार की चपेट में आकर अचेत होकर गिर पड़ी। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हडकंम्प मच गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतका तीन भाईयों में अकेली बहन थी। उसके पिता घर पर ही रहकर मजदूरी कर परिवार का किसी तरह जीविकोपार्जन करते थे। इधर मामले को सुलह-समझौता करके रफादफा कर दिया गया। लेकिन, देर शाम इसकी जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को हुई तो उन्होंने पूरे प्रकरण का पता लगाया। इसके बाद लापरवाही के आरोप में प्रधानाध्यपक शेषनाथ सिंह, सहायक अध्यापक विनोद सिंह, शैलेंद्र राम, सुधीर कुमार सिंह, शिक्षा मित्र शिवशंकर राय और शीला कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस गई थी। दोनों पक्ष आपस में सुलह समझौता कर लिए, किसी तरह से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उधर, बीएसए का कहना है कि यह शिक्षकों की लापरवाही है। प्रकरण की भी जानकारी मुझे देर शाम हुई। मैंने विद्यालय के दो शिक्षा मित्र और चार अध्यापकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।