एंबुलेंस में बैठा मृतका के पति अरुण पांडेय। संवाद
सुहवल। सुखदेवपुर चौराहे पर ट्रक से कुचलकर बीते 27 नवंबर गर्भवती पूनम पांडेय की मौत हो गई थी। जबकि पति अरुण पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इधर, पत्नी को अंतिम बार देखने की लालसा लिए गंभीर रूप से घायल पति अरुण पांडेय एंबुलेंस से ही जलती चिता को एकटक निहारते रहे। आठ वर्षीय पुत्री आराध्या उर्फ परी को कलेजे से सटाकर उनकी जुबान से निकल रहा था कि पुत्री के सिर से मां का साया उठ गया। यह देख और सुनकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था और महिलाएं बिलख उठीं। बता दें कि सुहवल गांव निवासी अरुण पांडेय गर्भवती पत्नी पूनम पांडेय को बीते 27 नवंबर को अस्पताल लेकर स्वास्थ्य जांच के लिए जा रहे थे। सुखदेवपुर चौराहे के पास अनियंत्रित ट्रक के धक्के से कुचलकर पूनम पांडेय की मौत हो गई थी। अरुण पांडेय हाथ और पैर टूटने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद 28 नवंबर को शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजन शव लेकर घर आए और अंतिम संस्कार के लिए लेकर कालूपुर गंगा घार पहुंचे। इधर ट्राॅमा सेंटर में भर्ती पति अरुण पत्नी का अंतिम दर्शन के लिए वाराणसी से एंबुलेंस से घाट पहुंचे। एंबुलेंस में ही अपनी 8 वर्षीय पुत्री आराध्या उर्फ परी को सीने से लगाकर पत्नी को अंतिम विदाई दी। यह देख वहां मौजूद लोग बिलख पड़े। छोटे भाई के हादसे में घायल होने और अस्वस्थ रहने पर जेठ सतीश पांडेय के मृतका को मुखाग्नि दी। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराने में जुटे रहे। संवाद