ट्रांसफाॅर्मर खराब होने के बाद प्रभावशाली लोगों के दबाव में प्राथमिकता बदलने की शिकायतों पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। सैदपुर स्थित विद्युत कार्यशाला के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत और आपूर्ति का काम शिकायतों और निर्धारित प्रक्रिया के क्रम में ही किया जाए। किसी बाहरी दबाव में प्राथमिकता बदलने की जरूरत नहीं है।
डीएम ने कार्यशाला में खराब और जले ट्रांसफाॅर्मरों की स्थिति देखी। पिछले 10 दिनों में आए ट्रांसफार्मरों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की जानकारी ली। साथ ही पिछले तीन-चार महीनों में मरम्मत किए गए ट्रांसफाॅर्मरों का विवरण भी देखा।
उन्होंने प्रतिदिन आने वाले ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या और पेंडेंसी की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जेई ने बताया कि कई बार प्रभावशाली लोगों की ओर से अपने क्षेत्र में ट्रांसफाॅर्मर जल्द लगवाने के लिए दबाव बनाया जाता है।
इस पर डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। उन्होंने कार्यशाला की कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।