राज्य आयुष मिशन की ओर से औषधीय पौध उत्पादन एवं निर्यात को लेकर शहर के एक होटल में बैठक का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी आर्यका की अध्यक्षता और मुख्य अतिथि आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु द्वारा दीप प्रज्जलित कर शुभारंभ किया गया।
आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि आयुष एवं योगा से विश्वभर में भारत की पहचान बनी है। औषधीय फसलों के उत्पादन से किसान अपनी आय में काफी वृद्धि कर सकते है। मंत्री ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत प्याज बीज का वितरण कृषकों को किया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने औषधीय पौधों की उपयोगिता एवं मूल्य संवर्धन के बारे में जानकारी दी। बताया कि औषधीय फसलों को क्रियान्वयन कर विभाग की योजना का लाभ लेकर कृषक अपनी आय में दो से तीन गुनी वृद्धि कर सकते हैं।
आंकुशपुर विज्ञान केंद्र के डा आरसी वर्मा द्वारा औषधीय फसलों सतावर, अश्वगंधा, सर्पगंधा, तुलसी, ऐलोवेरा, कालमेघ आदि फसलों के वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकी के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। हाफेड के सदस्य संजय सिंह ने संस्था का परिचय एवं महत्व के बारे में प्रकाश डाला। मीना शुक्ला की ओर से औषधीय उत्पादक एवं क्रय विक्रय महिला कृषक की सफलता की कहानी प्रस्तुत किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के बारे में विस्तारपूर्वक से अवगत कराया गया। प्रगतिशील औषधीय कृषक रंगबहादुर सिंह ने औषधीय फसलों के उत्पादन एवं उसकी उपयोगिता तथा राष्ट्रपति डा एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किए जाने के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन हाफेड के सचिव एस के सुमन द्वारा किया गया।