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फिर खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही गंगा

Sun, 23 Aug 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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एक बार फिर से पतित पावनी खतरे  के निशान की तरफ बढ़ने लगी हैं। एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है। लोगों को चिंता है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो घरों में पानी घुसने और उन्हें बेघर होने में समय नहीं लगेगा।
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जिले की सीमा से होकर गंगा समेत छोटी-बड़ी कुल नौ नदियां गुजरती हैं। जिले का अधिकांश भूभाग गंगा से घिरा हुआ है। कई गांवों की आबादी गंगा के किनारे ही आबाद है। जहां के लोगों के लिए गंगा ही आजीविका का साधन हैं, लेकिन बरसात शुरू होने पर गंगा के किनारे रहने वाले रहवासियों के ऊपर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।

केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी उमाशंकर राम ने बताया कि एक सेंटीमीटर घंटा की रफ्तार से  जलस्तर में वृद्धि हो रही है। गंगा खतरा के निशान से दो मीटर की दूरी पर बह रही है। गंगा में उफनाती लहरों को देखकर तटवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को बाढ़ का खतरा  सताने लगा है।
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कुछ दिन पहले भी इसी तरह से जलस्तर में वृद्धि होने से  तटवर्ती इलाकों के लोगों को धुकधुकी बढ़ गई है, लेकिन बाद में पानी घटने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। पिछले वर्ष आई       बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई थी और सैकड़ों लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी       पड़ी थी।
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