गाजीपुर। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बार्डरों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बिहार प्रांत से सटे बार्डरों पर प्रत्येक संदिग्ध पर पैनी नजर रखी जा रही है। सीमा पर स्थित पुलिस चौकियों और थानों का निर्देश दिए गए हैं कि वह चप्पे-चप्पे पर नजर रखें अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करें। सीमा पर अवैध असलहा, शराब आदि की तस्करी न हो। इसके लिए टीम बनाकर कार्रवाई करें। बड़े अपराधिक गैंग व इनामिया अपराधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। प्रत्येक वाहनों की जांच करने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाए। अचानक बढ़ी इस चहलकदमी से राहगीरों को थोड़ी परेशानी का सामना जरूर करना पड़ रहा है, लेकिन जरायम की दुनिया से जुड़े लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। गंगा पार का इलाका शराब तस्करों के लिए ऐसा जोन बना है कि पुलिस की आंख में धूल झोंककर गंगा नदी के रास्ते शराब की खेप बिहार के बक्सर, चौसा, बारे समेत अन्य क्षेत्रों में आसानी से पहुंचाई जा रही है। इन दिनों बिहार विधानसभा चुनाव में इसकी मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। जबकि बिहार में शराब पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसे में चोरी- छिपे बिहार में शराब दोगुने से तीन गुने दामों पर बेची जा रही है। इससे तस्करों की आवाजाही काफी बढ़ चुकी है। पुलिस कप्तान डा. ओमप्रकाश सिंह ने बिहार से सटे सभी थानों एवं पुलिस चौकियों को सजग व सर्तक करते हुए नियमित वाहन चेकिंग, रात्रि गश्त और संदिग्धों की तलाशी के साथ ही अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, गहमर, दिलदारनगर सहित अन्य थानों को सख्ती बरतने का निर्देश जारी किया गया है। देेखा जाए तो ताड़ीघाट-बारा मार्ग स्थित कर्मनाशा पुल के रास्ते तस्कर शराब की खेप बिहार में पहुंचाते हैं। नाव से कर्मनाशा और गंगा पार करके भी तस्कर शराब की बड़ी खेप बिहार तक पहुंचाने का काम करते थे। यही हाल भांवरकोल के रास्ते कोरंटाडीह पुलिस चौकी से भरौली से बिहार एवं कोटवा नारायणपुर से नाव से बक्सर पार होते रहे हैं। अब पुलिस की चौकसी बढ़ने से सबकी परेशानी बढ़ गई है।