जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वर्तमान समय में संख्या 16 हो चुकी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में इस बीमारी का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है, लेकिन वहां फागिंग एवं लार्वा रोधी छिड़काव के साथ साफ-सफाई की व्यवस्था भगवान भरोसे बनी हुई है।
मौसम में हो रहे परिवर्तन और बेमौसम बरसात के चलते जगह-जगह पानी जमा हो रहा है। वहीं गांवों में साफ-सफाई की स्थिति काफी खराब बनी हुई है। लार्वा रोधी का छिड़काव एवं फागिंग तो कोसों दूूर की बात है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों का प्रसार तेजी से हो रहा है। करीब 15 दिन पूर्व से ग्रामीण इलाकों के लोग लगातार बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
वर्तमान समय में सैदपुर में नौ, बाराचंवर में एक, देवकली एक, सादात एक और भदौरा में एक मरीज डेंगू बीमारी से पीड़ित है। इनका उपचार चिकित्सकों की देख रेख में चल रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव डेंगू जैसी बीमारी से बचाव एवं लक्षण संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाई तो जा रही है, लेकिन साफ-सफाई और दवा छिड़काव को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
तीन मरीजों की तलाश जारी
बीएचयू से आई रिपोर्ट में तीन मरीजों का नाम और सिर्फ मोबाइल नंबर के अलावा जनपद गाजीपुर लिखा हुआ है। जबकि वह किस गांव अथवा किसी मुहल्ले के हैं। इसका विवरण न होने से मलेरिया विभाग को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वजह तीनों मोबाइल नंबर या तो बंद है अथवा गलत होने से इनकी तलाश करने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में जांच की नहीं है व्यवस्था
जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में डेंगू बीमारी से पीड़ित मरीज की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पीड़ित मरीज का इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं बीएचयू से जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाता है, जिससे मरीजों की हालत और खराब हो जाती है। लोगों का कहना है बि मेडिकल कालेज के संचालन के बाद भी डेंगू जैसी बीमारी की जांच की व्यवस्था न होना बहुत बड़ा दुर्भाग्य है।
जिले में डेंगू 16 मरीज मिले हैं। इसमें तीन मरीजों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी को लेकर अलर्ट है।- मनोज कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी गाजीपुर।