गंगा नदी के तटों पर वाराणसी, गाजीपुर और बलिया के बीच सात जेटी का शुक्रवार को लोकार्पण और आठ जेटी का शिलान्यास हुआ। वाराणसी के संत रविदास घाट पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने अन्य जनपद सहित जिले के कलेक्टर घाट पर निर्मित जेटी का लोकार्पण किया।
कलेक्टर घाट पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान मंच पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, पिछड़ा वर्ग कल्याण के पूर्व उपाध्यक्ष प्रभुनाथ चौहान, नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल मौजूद थे। उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने जेटी का अवलोकन किया।
कलेक्टर घाट के अलावा जनपद में चार अन्य जगहों पर चोचकपुर, दुनगुनपुर, सैदपुर और जमानियां में जेटियों का निर्माण किया जाएगा। इनपर नाव के ठहराव एवं यात्रियों के उतरने चढ़ने के के लिए उचित व्यवस्था और तट पर आने वाले यात्रियों के ठहराव एवं विश्राम के लिए एक विश्राम स्थल आदि अन्य विभिन्न तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इन सामुदायिक जेटियों के निर्माण के बाद एक समझौते के तहत जिला प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। जो आगे इसे उपयोग में लाने के लिए रख रखाव एवं परिचालन की व्यवस्था देखेंगे।
निर्माण करने वाली संस्था दो साल रख-रखाव की व्यवस्था करेगी
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से दो साल समझौते के तहत निर्माण करने वाली संस्था के माध्यम से इसके रखरखाव की व्यवस्था होगी। इन सामुदायिक जेटियों के माध्यम से नदी तट पर रहने वाले किसान, छोटे व्यापारी, उद्यमी, मछुआरे एवं अन्य नागरिकों को नदी के माध्यम से आस पास के क्षेत्रों से जोड़ने एवं नदी के आर-पार परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा। इनके निर्माण से आस-पास के क्षेत्र में लघु औद्योगिक इकाईयों को बल मिलेगा तथा रोजगार की बढ़ोतरी होगी।
विश्व बैंक की तकनीकी और आर्थिक सहायता से जेटी का निर्माण
ंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक की तकनीकी एवं आर्थिक सहायता के माध्यम से 746 करोड़ रुपये की लागत से जलमार्ग विकास परियोजना के तहत अर्थगंगा की संकल्पना पर उत्तर प्रदेश में जलमार्ग संख्या एक में 15 स्थानों पर आधुनिक सामुदायिक जेटियों का निर्माण किया जा रहा है।