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जांच में वैक्सीनेशन टीम के पास नहीं मिला परिचय व नियुक्ति पत्र

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कोविड वैक्सीन के प्रिकॉशन डोज बगैर लगवाए ही लोगों के मोबाइल पर मैसेज आने की शिकायत मिलने पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी डा. हर्षिता तिवारी ने ट्रामा सेंटर में बने वैक्सीनेशन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर उनकी त्योरी चढ़ गई और उन्होंने मौजूद कर्मियों पर नाराजगी जताई।
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उपजिलाधिकारी डा. हर्षिता तिवारी से मिलकर कई लोगों ने शिकायत किया है कि उन्होंने अभी कोविड वैक्सीन का प्रिकाशन डोज नहीं लगवाया है लेकिन उनके मोबाइल पर वैक्सीनेशन कराने का मैसेज आ गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी ने वैक्सीनेशन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण कर रहे कर्मियों से संख्या पूछने के बाद वैक्सीन के डोज से मिलान किया तो उसमें अंतर आ गया। इसके बाद कितना डोज आज मिला यह भी कर्मी स्पष्ट नहीं बता सके।
उन्होंने मौजूद कर्मियों से उनके परिचय पत्र या नियुक्ति पत्र दिखाने को कहा तो वह कुछ नहीं दिखा सके। इस तरह की गड़बड़ी देख वह मौके पर मौजूद कागजात को जब्त कर अपने साथ ले गईं। इसके बाद उपजिलाधिकारी पुराने चिकित्सालय परिसर में एएनएम आवास के पास पहुंची तो पता चला कि सीएचसी एवं राजकीय महिला चिकित्सालय के बजाए वहीं पर टिन शेड आदि में महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। वहां काफी गंदगी आदि देख उन्होंने मौजूद एएनएम को आगे से इस जगह पर प्रसव न कराने का निर्देश दिया।
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उन्होंने कहा कि जो भी प्रसव पीड़ित महिला आएं उन्हें सीएचसी या राजकीय महिला चिकित्सालय में ले जाएं। निरीक्षण के मौके पर उपजिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें लोगों से टीकाकरण को लेकर शिकायत मिली थी। जांच में कई अनियमितता मिली है। इसको लेकर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित करेंगी। लोगों का आरोप है कि सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने का रिकार्ड अपने नाम करके प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए सीएचसी के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने कागजों में फर्जी वैक्सीनेशन कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
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