पिछले एक माह से गहमर डाकघर में लेन-देन का कार्य बंद है। जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक महीने तक सब्र करने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। गहमर प्रधान पति दुर्गा चौरसिया के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने डाकघर के सामने जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
गहमर डाकघर को सीबीएस ब्रांच से जोड़ने के लिए बीते 22 अप्रैल 2016 को कार्य प्रारंभ किया गया।
लेकिन कार्य पूर्ण न होने और सीबीएस ब्रांच का कोड नहीं आने के कारण डाकघर में लेन-देन का कार्य बंद पड़ा हुआ है। मार्च के बाद से ही पेंशनधारकों को पेंशन नहीं मिला है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। डाकघर से हजारों ग्राहक जुड़े हैं। लेकिन कामकाज ठप होने से प्रतिदिन ग्राहक मायूस होकर लौट जाते हैं। इस डाकघर पर पांच बाबूओं के तैनाती का मानक होते हुए भी, वर्तमान में यहां केवल एक बाबू ही तैनात है।
इस संबंध में जब पोस्ट मास्टर राजेंद्र यादव से पूछा गया कि समस्या से लोगों को कब तक निजात मिल जाएगी, तो उन्होंने केवल इतना बताया कि मैंने पूरी समस्या से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। लेकिन अभी तक कोई स्थायी हल नहीं निकल सका है। इसके बाद नाराज लोगों ने डाक अधीक्षक ओपी सिंह से बात की, तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ऐसे में ग्रामीणों ने यह फैसला किया कि जबतक कार्य प्रारंभ नहीं होगा, तबतक डाकघर पर ताला जड़ा रहेगा।
डाकघर पर प्रदर्शन करने तथा ताला बंद करने वालों में प्रधान पति दुर्गा चौरसिया के अलावा भतौरा प्रधान विजय यादव, मिथिलेश गहमरी, संतोष राय, संजय सिंह, वीर बहादुर चौबे, काली देवी, विजय नारायण यादव, दामोदर सिंह, गायत्री देवी, शैल कुमारी देवी, सुधा सिंह, राजेश्वरी देवी, राणा प्रताप सिंह आदि लोग मौजूद रहे।