एसपी के मुताबिक मौके से .315 बोर के नौ चालू देशी तमंचे, .315 बोर के तीन अधबने तमंचे, .12 बोर का एक अधबना तमंचा, .32 बोर का अधबना रिवाल्वर, पांच जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ। इसके अलावा अधबनी पिस्टल बॉडी, तमंचे की बॉडी व बट, नाल, ट्रिगर गार्ड, हैमर समेत असलहा बनाने के उपकरण और एक मोटरसाइकिल भी मिली। एसपी ने बताया कि मामले में थाना जमानिया में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सोनू पर 18 पुराने मुकदमे
पुलिस अधीक्षक के अनुसार गिरफ्तार सोनू बिंद के खिलाफ विभिन्न थानों में लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर, एनडीपीएस और पॉक्सो एक्ट समेत 18 पुराने मुकदमे दर्ज हैं। पन्ना लाल बिंद पर हत्या, एनडीपीएस समेत तीन पुराने मुकदमे दर्ज हैं। मनोज कुमार राय के खिलाफ पूर्व में कोई मामला दर्ज होने का उल्लेख नहीं है।
सरकारी परित्यक्त कमरे को बना लिया असलहा तैयार करने का ठिकाना
जमानिया क्षेत्र में पाण्डेयपुर मोड़ के पास पुलिया के बगल स्थित सिंचाई विभाग के जिस परित्यक्त कमरे में पुलिस ने अवैध असलहे बरामद किए, वह लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे असलहा तैयार करने का ठिकाना बना लिया। पुलिस के पहुंचने पर कमरे से तैयार और अधबने तमंचों के साथ उन्हें बनाने के उपकरण बरामद हुए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के अनुसार, इस कमरे में अवैध असलहा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। तब पुलिस और स्वाट टीम बी ने संयुक्त रुप से घेराबंदी कर कार्रवाई की। कमरे से हथियारों के पुर्जे और बनाने के उपकरण मिलने से साफ हुआ कि वहां सिर्फ हथियार छिपाकर नहीं रखे गए थे, बल्कि उन्हें तैयार करने की गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
परित्यक्त सिंचाई भवन से बरामद सामान ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
अवैध कारोबार के तार बिहार तक, मुगलसराय-बक्सर कनेक्शन की जांच
जमानिया क्षेत्र में सामने अवैध असलहा कारोबार के मामले में पुलिस की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह के अनुसार क्षेत्र में यह कारोबार करीब दो से तीन साल से चल रहा था। जांच में मुगलसराय और बक्सर कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर पड़ोसी राज्य बिहार से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध कारोबार के इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा इसकी गतिविधियां किन क्षेत्रों तक फैली हुई हैं।
उन्होंने बताया कि मुगलसराय और बक्सर से जुड़े कनेक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस के अनुसार आगे इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
पहले भी पकड़ा गया हैं जखीरा
- खानपुर (अप्रैल 2024): लोकसभा चुनाव से पहले खानपुर थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान एक तस्कर की निशानदेही पर अवैध शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी थी। उस दौरान 12 अवैध तमंचे और भारी मात्रा में अर्द्धनिर्मित हथियार व कारतूस मिले थे।
- फरवरी 2019 (भुड़कुड़ा): भुड़कुड़ा कोतवाली पुलिस ने घटारो गांव में एक हनुमान मंदिर के समीप तहखाने में संचालित अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, जहां से भारी मात्रा में उपकरण और 3 आरोपियों को पकड़ा गया था।
नौ साल में शस्त्र अधिनियम के तहत 1875 से अधिक मुकदमे
गाजीपुर जिले में वर्ष 2017 से 2026 के बीच शस्त्र अधिनियम के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस अवधि में 1,875 से अधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों में 2,140 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर अवैध हथियार रखने, बेचने या बनाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2,089 अवैध हथियार बरामद किए हैं। इनमें तमंचे और पिस्टल जैसे हथियार शामिल हैं। इसके साथ ही, 2,791 कारतूस भी जब्त किए गए हैं।