गाजीपुर। गंगा का पानी बढ़ा तो जिले के 1290 गांव प्रभावित होंगे। इससे निपटने के लिए 92 बाढ़ चौकियां एवं 28 शरणालय स्थल बनाए गए हैं। साथ ही तहसीलवार नियंत्रण कक्ष स्थापित कर स्थानीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके अलावा संभावित बाढ़ से प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न एवं अन्य राहत सामग्री के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रियाधीन है।
गंगा के अलावा गोमती, गांगी, बेसो, मगई, भैंसही, टौंस, कर्मनाशा एवं उदंती नदियां जिले से होकर गुजरती है। बाढ़ से चार तहसील मुहम्मदाबाद, जमानिया, सदर एवं सैदपुर अधिक प्रभावित होती है। इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां भी पूर्ण कर ली है, जिससे किसी भी विकट परिस्थिति से दो-दो हाथ किया जा सके। इसके लिए जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर 24 घंटे के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं, जिसमें एक पर्यवेक्षकीय अधिकारी, एक कर्मचारी एवं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी की तैनाती की गई है। साथ ही कक्ष में रजिस्टर रखा गया है, जिसमें जानकारी मिलने पर की गई कार्रवाई को अंकित किया जाएगा। यही नहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में तहसीलवार हेल्पलाइन की योजना बनाई है, जिसमें प्रत्येक गांव के पांच-पांच लोगों का मोबाइल नंबर है। नदी के जलस्तर बढ़ने एवं खतरे के निशान तक पहुंचने की स्थिति में गांवों में कंट्रोल रूम के माध्यम से ग्रामीणों को सूचित करने के साथ उन्हें सुरक्षित रुप से राहत शिविर में पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 16 ब्लाकों एवं नगर पालिका परिषद में बाढ़ केंद्र खोले गए हैं। वहीं बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के रूप में माचिस, नमक, चना, लाई, गुड़, गेहूं, मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल समेत अन्य आवश्यक सामानों की आपूर्ति की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है।
541 नाव की गई है व्यवस्था
गाजीपुर। जिले में कुल 541 नाव की व्यवस्था की गई है। इसमें 95 बड़ी, 232 मझोली एवं 185 छोटी नाव के अलावा 29 इंजन चलित है। इनके संचालकों के नाम, पता एवं मोबाइल नंबर का सत्यापन करा लिया गया है। साथ ही सभी एसडीएम को अपने तहसील क्षेत्र के नावों का अधिग्रहण कर बाढ़ प्रभावित गांवों के पास रखने का निर्देश दिया गया है।
360 लेखपालों को किया गया है प्रशिक्षित
गाजीपुर। आपदा विशेषज्ञ की ओर से जिले की विभिन्न तहसीलों के 360 लेखपालों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा बाढ़ के समय 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था के साथ मेडिकल किट, हैंडपंपों एवं कुओं में ब्लीचिंग पाउडर एवं टैबलेट की जिम्मेदारी सीएमओ को दी गई है। जबकि विद्युत व्यवस्था, शांति व्यवस्था एवं पशुओं के चारे एवं चिकित्सा की भी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। बाढ़ से हुई फसल की क्षति के आंकलन का कार्य जिला कृषि अधिकारी को करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एडीएम कर रहे भ्रमण
गाजीपुर। एडीएम राजेश सिंह की ओर से लगातार कटान प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। साथ ही बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सख्त निर्देश भी दिए जा रहे हैं। चौकियों पर भ्रमण करने के साथ वहां तैनात किए गए कर्मचारियों की मौजूदगी का सत्यापन भी इनके द्वारा किया जाता है। साथ ही लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव
सदर तहसील - 344
सैदपुर तहसील - 61
मुहम्मदाबाद तहसील - 400
कासिमाबाद तहसील - 115
जमानिया तहसील - 185
सेवराई तहसील - 117
जखनिया तहसील - 68
स्थापित कराया किया गया हेल्पलाइन
गाजीपुर- 0548-2224041, 2221334, मुहम्मदाबाद- 05493- 242172, सैदपुर- 05495- 222050, जमानिया- 05497- 252261, जखनिया- 05495- 235636, कासिमाबाद- 05493- 252015, सेवराई- 05497- 232201
बाढ़ से निपटने के तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। साथ ही स्थापित बाढ़ चौकियों एवं गंगा के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है- अशोक राय, आपदा विशेषज्ञ
(फोटो भी)