संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले के सिर्फ चार फायर स्टेशन से छह तहसीलों व 16 ब्लॉकों के इलाके में आग पर काबू पाने का दावा किया जा रहा है। यहीं नहीं इन स्टेशनों से कभी 35 तो कभी 45 किलोमीटर दूर से आग लगने पर फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में एक से दो घंटे लग जाते हैं।
ऐसे में सबकुछ जलकर नष्ट हो जाता है। ऐसे में आग लगने पर यही कहा जाता है कि इंतजार कीजिए... दमकल जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर से रवाना हो चुकी है। हर साल खेतों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों की निकली चिंगारी से गेहूं की फसल जलकर नष्ट होती है, बावजूद इसके तैयारियां जस की तस हैं।
मार्च शुरू होते ही गर्मी का एहसास शुरू हो गया है। एक पखवारे बाद गर्मी और बढ़ेगी। इससे आग की घटनाएं तेजी से बढ़ंेगी। ऐसे में अग्निशमन विभाग के पास लंबे समय चालकों की कमी और संसाधनों का अभाव है। स्थिति यह है कि सदर में एक फायर स्टेशन है, जहां एक फोम टेंडर, 2500 फायर टेंडर, दो क्यूआरवी, एक वाटर मिस्ट और दो फायर इंजन मोटर बाइकों के सहारे सदर तहसील के करीब 200 गांवों व नगर क्षेत्र में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने का जिम्मा है।
इसके अलावा 45 किमी दूर सैदपुर, करीब 15 से 20 किमी करंडा और खानपुर तक के इलाके की जिम्मेदारी है, जहां आग लगने के बाद वाहन पहुंचने में सबकुछ जलकर नष्ट हो जाता है। जमानिया में स्थापित फायर स्टेशन से करीब 30 किमी दूर सेवराई तहसील के क्षेत्र के अलावा रेवतीपुर और सुहवल पहुंचने में एक से दो घंटे लग जाते हैं।
वहीं मुहम्मदाबाद से करीब 10 से 12 किमी दूर करीमुद्दीनपुर, बाराचवर, 15 से 20 किमी बरेसर, 20 से 25 किमी कासिमाबाद के इलाके में फायर टेंडर पहुंचने में समय लग जाता है। यहीं नहीं जखनिया तहसील के सिखड़ी में स्थापित फायर स्टेशन से जखनिया, बहरियाबाद, मनिहारी, हंसराजपुर सहित अन्य इलाकों में आग लगने के बाद काबू पाना आसान नहीं होता है। सबसे ज्यादा परेशानी तो तब होती है, जब खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल में आग लग जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को स्वयं ही मोर्चा संभालना पड़ता है, वजह फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचने से पूर्व फसल जलकर नष्ट हो जाती है।
तीन ब्लाॅकों में बनेंगे फायर स्टेशन
गाजीपुर। अग्निशमन अधिकारी डा. भारतेंदु जोशी ने बताया कि आग की घटना पर काबू पाने के लिए सूचना मिलते ही टीम रवाना हो जाती है। ऐसे में तीन ब्लाकों में फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बिरनो, सादात और मनिहारी में भूमि मिल गई है। इसके निर्माण को लेकर शासन की ओर से हरी झंडी का इंतजार है। वहीं, बंशी बाजार में भी फायर स्टेशन का निर्माण होगा।
सैदपुर में सात साल बाद भी नहीं बना फायर स्टेशन
सैदपुर के सेहमलपुर में बन रहा फायर स्टेशन करीब सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि सैदपुर में आग की घटना होने पर फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में एक से दो घंटे लगेंगे। सैदपुर में फायर स्टेशन की सुविधा न होने से यहां के लोगों को स्वयं ही मोर्चा संभालना पड़ता है। यहीं नहीं कासिमाबाद व सेवराई तहसील में भी फायर स्टेशन निर्माणाधीन है, यहां भी कार्य की रफ्तार धीमी होने से निर्माण पूर्ण होता दिखाई नहीं पड़ रहा है।
जिले में चार फायर स्टेशन है, इनके सहारे ही आग लगने पर काबू पाया जाता है। वैसे सैदपुर, कासिमाबाद और सेवराई में फायर स्टेशन का निर्माण चल रहा है। इनके पूरा होने से सहूलियत होगी। - डॉ. भारतेंदु जोशी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजीपुर