मौसम ने साथ दिया तो इस बार आम का रिकॉर्ड उत्पादन होगा। बागों में आम के पेड़ बौर से लद गए हैं। किसानों को इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।
जनपद में 20 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में आम की बागवानी होती है। औसतन एक हेक्टेयर में 75 से 80 क्विंटल आम का उत्पादन होता है। लेकिन, जिस प्रकार इस बार आम के पेड़ बौर से लदे हैं, इससे प्रति हेक्टेयर 15 से 20 क्विटंल आम के उत्पादन में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। जनपद में मुख्य रूप से दशहरी, चौसा, लंगड़ा, सफेदा आदि किस्म के आम के फलों का उत्पादन किया जाता है। आम के पेड़ों पर आए बौर देखकर बागवानों का मन लहलहा रहा है। उनका कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो उत्पादन काफी अच्छा होने से मुनाफा बढ़ेगा। साथ ही गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक भी फलों के राजा की आसानी से पहुंच हो सकेगी।