गाजीपुर। झोलाछाप और अवैध अस्पतालों के खिलाफ अमर उजाला ने सात सितंबर से 13 सितंबर तक अभियान चलाया। जिला प्रशासन ने खबर को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी और अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिया कि अवैध अस्पताल व झोलाछाप को चिह्नित कर मुकदमा दर्ज कराएं। साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रसव न कराने वाली आशाओं को चिह्नित कर स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने को कहा। सीएमओ डा. एसके पांडेय ने बताया कि जिले के 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि बीते वित्तीय वर्ष और वर्तमान वित्तीय वर्ष में आशाओं द्वारा सरकारी अस्पतालों में कराये गए प्रसवों की संख्या और एएनसी की रिपोर्ट की समीक्षा करें। इसमें जिन आशाओं ने अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का प्रसव राजकीय अस्पतालों में नहीं कराया गया है, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई करें। यही नहीं न्यूनतम उपलब्धि वाली आशावार और एएनएम का विवरण रिपोर्ट के साथ एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं। साथ ही निर्देश दिया गया है कि बिना पंजीकरण के संचालित अवैध अपंजीकृत चिकित्सालयों, नर्सिंग होग, क्लीनिक, लैब, एक्स-रे सेंटर का संचालन अगर बिना डिग्री धारक के संचालित हो रहा है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। सीएमओ ने बताया कि नोडल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि पंजीयन के दौरान भी पूरी तरह से जांच पड़ताल करके ही कार्रवाई करें।