भीमापार। जिले के पश्चिमी छोर से क्षेत्र में प्रवेश करने वाली शारदा सहायक खंड-36 अमुवारा राजवाहा की नहर दो दशक से सूखी पड़ी है। नहर में पानी नहीं आने का खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। हालत यह है कि सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने के कारण इलाके के सैकड़ों एकड़ खेत परती रह जाते हैं।
क्षेत्र में शारदा सहायक खंड-36 की नहर का जाल बिछा हुआ है लेकिन उसमें पानी नहीं आने के कारण अधिकांश किसान परिवारों को या तो भुखमरी का शिकार होना पड़ता है या फिर वे पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं। बताया जाता है कि नहर में पानी नहीं आने की समस्या से स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर जनसुनवाई एप के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री तक को अवगत कराया गया। इसके अनुपालन में विभागीय अधिकारियों द्वारा सरकारी कागजों के जरिए नहर में पानी पहुंचना भी दिखा दिया गया लेकिन सूखी नहरें तो कुछ और ही बयां करती हैं। हालत यह हो गई है कि मौधा, मीरहसन, नायकडीह, नसीरपुर, सोनियापार, भुजहुंवा, भुंवरपुर, लौलहा, तरायें, इटहां, सौना, सिंगारपुर, मठसरैया, बूढ़नपुर, बेलहरी, जमीन संदल, अमेंदा, अनौनी, शिवदासपुर, पोखरा आदि गांवों के किसान तो अब सिंचाई के अभाव में मवेशियों तक को पालने से कतराने लगे हैं। कमोवेश यहीं हालत खानपुर, भदैला, कन्हईपुर, महमूदपुर, मैनपुर, गैवीपुर और करमपुर आदि गांवों की हो गई है। इस विषय में पूछे जाने पर शारदा सहायक खंड-36 नहर के सहायक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि जल्द ही रोस्टर के हिसाब से नहर में पानी छोड़ा जाएगा जिससे दो-तीन दिन में ही गाजीपुर क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंच जाएगा।