अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह की अदालत ने मंगलवार को पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
कोर्ट ने कहा कि समाज में पति पत्नी का रिश्ता भरोसे और विश्वास पर आधारित होता है, लेकिन इस प्रकरण में सत्येंद्र राम ने पत्नी की हत्या कर उस विश्वास व भरोसे को खंडित किया है। मानव जीवन अनमोल होता हैं।
उसे केवल नशे की पूर्ति के लिए समाप्त नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने विवाहिता बिंदु के तीनों संतानों की परवरिश के लिए डीएम को आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार बलिया थाना गड़वार गांव के नराव गांव निवासी हर्षनाथ ने बरेसर थाने में तहरीर देकर बताया था कि पुत्री बिंदु की शादी 20 मई 2008 को सत्येंद्र राम से की थी। दामाद सत्येंद्र राम कोई काम नहीं करता हैं और अक्सर शराब पीकर पुत्री बिंदु को पीटता था।
पुत्री जब भी मायके आती थी तो वह रो-रोकर सारी बातें बताती थीं। दामाद को काफी समझाया बुझाया गया इसके बावजूद नहीं माना। 8 अप्रैल 2022 को बेटी बिंदु की बड़ी बेटी निधि ने फोन कर बताया कि पापा ने मम्मी को पीट पीटकर मार डाला है।
सूचना पर जब पुत्री की ससुराल पहुंचा तो पुत्री बिंदु का शव कच्चे मकान के अंदर पड़ा हुआ था। आस- पास के लोगों ने भी बताया कि पति सत्येंद्र राम ने पत्नी बिंदु को पीटकर हत्या कर दी है।
वादी की सूचना पर दोषी पति के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश हुआ।
न्यायालय ने दोनों पक्षों सुनने के बाद फैसला सुनाया। दोषी को जेल भेज दिया।
कहा कि विवाहिता की तीन संतानों की परवरिश के लिए आदेश की प्रति डीएम गाजीपुर को भेजा जाए कि उनके भरण पोषण एवं शिक्षा आदि से संबंधित शासकीय योजनाओं का लाभ उनको नियमानुसार प्रदान किया जाए।