गांवों में जमीन पर कब्जे के मामलों को सुलझाने के लिए सरकार की ओर से घरौनी योजना शुरू की गई है। क्षेत्र के बरहपुर गांव के लोगों को घरौनी का प्रमाणपत्र नहीं मिला है। जबकि ड्रोन सर्वे एक वर्ष पूर्व ही हो गया था। सर्वे शुरू होने पर लोगों में उम्मीद जगी थी कि उनको आने वाले दिनों में सहूलियत मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।
क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले सरकारी शासनादेश के तहत राजस्व कर्मियों ने गांवों में ड्रोन कैमरे से सर्वे कराकर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और पोखरियों आदि पर कब्जा आदि की जानकारी के अलावा लोगों के मकानों और सहन आबादी पर काबिज मालिकाना हक का प्रमाणपत्र तैयार कराकर घरौनी के रूप में लोगों को वितरित किया जाना था लेकिन अब तक घरौनी का कागजात नहीं मिलने से जहां लोग परेशान हैं। वहीं मनबढ़ लोगों द्वारा कुछ गांव में जमीन अतिक्रमण कर उसका समतलीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो विवाद की जड़ है। लेखपाल अजित यादव ने बताया कि योजना में कुछ प्रक्रियाएं हैं, जो लखनऊ से पूरी की जाती हैं। वहां से प्रमाणपत्र आते ही घरौनी प्रमाणपत्र वितरित कर दिया जाएगा।