जनपद के सात तहसीलों पर शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इस दौरान 466 फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इसमें मात्र 31 का ही निस्तारण हो सका यानी दस फीसदी से भी कम। जबकि सुबह के 8.30 बजे से आए अन्य फरियादियों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस जखनिया तहसील पर आयोजित हुआ जहां 156 प्रार्थना-पत्रों में 13 ही निस्तारित हो सके।
सुबह 9.00 बजे जखनिया तहसील पहुंचे एसडीएम आशुतोष श्रीवास्तव, तहसीलदार रामजी, नायब तहसीलदार जयप्रकाश ने संपूर्ण समाधान की तैयारियों को देखने के साथ दिशा- निर्देश दिया। इधर सुबह 10 बजे सीओ रविंद्र कुमार वर्मा और थानों के थानाध्यक्ष सहित तहसील के अधिकारी भी पहुंच गए। सुबह 10. 10 बजे जिला पूर्ति अधिकारी, 11. 25 डीएफओ और 11. 30 बजे मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता पहुंचे।
अधिकारियों द्वारा एक-एक करके फरियादियों की बात सुनने के साथ संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निस्तारण का निर्देश दिया। दोपहर 12 बजे बीएसए हेमंत राव और दोपहर 12. 35 पर जिलाधिकारी एमपी सिंह पहुंचे। जिलाधिकारी के आते ही फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। जर्जर सड़क को लेकर पीडब्ल्यूडी के जेई को जमकर फटकार लगाई।
डीएम ने लेखपालों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीन को खाली कराए। इधर अन्य तहसीलों में शामिल मुहम्मदाबाद में 32 में तीन, जमानिया में 57 में दो, सैदपुर में 79 में चार, सेवराई में 44 में पांच, सदर में 54 में एक, कासिमाबाद में 44 तीन प्रार्थना- पत्र का ही निस्तारण हो पाया।