गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के लिए दो सौ बेड के छात्रावास और चार सौ सीट के कांफ्रेंस हाॅल के साथ ही बाॅस्केटबाॅल कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। 16. 23 करोड़ से हो रहा कार्य अगस्त तक पूरा होना था, लेकिन धनाभाव से करीब छह महीने से काम बंद है। सिर्फ 45 फीसदी ही काम हो सका है। ऐसे में अगले कुछ महीनों में भी काम पूरा कर पाना चुनौती होगी।
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1977 में हुई थी। इस महाविद्यालय में अभी करीब तीन हजार छात्राएं पढ़ती हैं। एक छात्रावास है लेकिन क्षमता पर्याप्त न होने से दूरदराज की छात्राओं को परेशानी हो रही थी। इस पर एक और छात्रावास की जरूरत महसूस की जा रही थी। महाविद्यालय के दक्षिण परिस में 1.65 एकड़ जमीन पर इसके निर्माण के लिए बीते वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे बाद में स्वीकृति मिल गई थी। दो सौ बेड के छात्रावास, चार सौ लोगों के बैठने की सुविधा वाला कांफ्रेंस हाल तथा बाॅस्केटबाॅल कोर्ट के निर्माण के लिए 16 करोड़ 23 लाख 79 हजार की धनराशि स्वीकृत हुई। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को पांच करोड़ 68 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। कार्यदायी संस्था की मानें तो हास्टल का भवन पूरा हो गया है। करीब 45 प्रतिशत कार्य हो गया है। सेनिटरी, वायरिंग, टाइलीकरण एवं फिनिशिंग का काम शेष है। इसी तरह कांफ्रेंस हाल में टाइलीकरण, टिनशेड तथा प्लास्टर का काम अवशेष है। धनाभाव के चलते मार्च से काम बंद है।
महाविद्यालय के छात्रावास, कांफ्रेंस हाल एवं बास्केटबाल कोर्ट के निर्माण के लिए पांच करोड़ 68 लाख की धनराशि शासन की तरफ से उपलब्ध कराई गई थी। जिलाधिकारी की ओर से छह महीने पहले उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेजकर धनराशि की मांग की गई है। अभी पैसा नहीं मिला है, मिलते ही शेष निर्माण का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।- रोहित मौर्य, अवर अभियंता यूपी सिडको