127 निजी अस्पताल, दूसरों के प्रमाणपत्र पर 77 पंजीकृत
जिले में पंजीकृत निजी अस्पतालों की अच्छी खासी संख्या है। वर्तमान में करीब 127 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें 77 अस्पतालों का पंजीकरण दूसरों के प्रमाणपत्रों पर है। ऐसे में अस्पताल का संचालन कर रहे ये अप्रशिक्षित लोग उपचार और सर्जरी के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मानक में होने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। यहीं नहीं घटना के बाद भी कार्रवाई के नाम पर इनकी तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है। पंजीकरण कागजों में जिस चिकित्सक की डिग्री दी गई है, उन्हें पार्ट टाइम और एएनएम को फूल टाइम वर्क करने के साथ संचालक को सिर्फ सहयोगी दर्शाया जा रहा है।
पंजीकरण के लिए ये कागजात जरूरी
- अग्निशमन विभाग का एनओसी।
- जैव चिकित्सा अपशिष्ट निपटान प्रमाण-पत्र।
- डॉक्टरों के पंजीकरण सहित स्वास्थ्य कर्मियों की डिग्री।
- चिकित्सा उपकरण विवरण।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी।
जिला प्रशासन से मिले निर्देश पर सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को ऐसे अस्पतालों की जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। फिर से अस्पतालों के लाइसेंस की वैधता और मानकों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. एसके पांडेय, सीएमओ