गाजीपुर। संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाना शुरु कर दिया है। जिले में सौ बेड का पीआईसीयू स्थापित करने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए जिला अस्पताल में 60, जिला महिला अस्पताल में 40 एवं निजी अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित करने के साथ आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के अलावा ऑक्सीजन एवं जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर तैयारी शुरु कर दी गई है। महामारी की पहली लहर से सबक नहीं ली और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई। ऐसे में दूसरी लहर ने जिले को ऐसा अपनी चपेट में लिया कि डेढ़ माह में ही संक्रमितों के आंकड़ों में जबरदस्त वृद्धि होने के साथ लोगों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ गया। ऐसे में चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में संक्रमित मरीजों की मौत ने महकमे के अधिकारियों को झकझोर के रख दिया था। ऐसे में जब रफ्तार कुछ कम हुई तो संभावित तीसरी लहर के संकेत को लेकर महकमा अलर्ट हो गया। शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी करते ही विभाग की ओर से पीआईसीयू स्थापित कराने की कवायद शुरु कर दी गई, जिससे नौनिहालों के बीमार पड़ने पर उन्हें तत्काल बेहतर उपचार की सुविधा प्रदान की जा सके। जिले में सात बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। ऐसे में संभावित तीसरी लहर में बच्चों के बीमार पड़ने पर काफी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसको देखते हुए डीएम ने प्राइवेट बाल रोग विशेषज्ञों के साथ बीते 19 मई की देर शाम बैठकर सहयोग मांगा। इस पर प्राइवेट बाल रोग विशेषज्ञों ने पीआईसीयू में शिफ्टवार ड्यूटी करने की सहमति जताई।