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चिकित्सक, फार्मासिस्ट सहित कर्मचारी ड्यूटी से गायब

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करंडा। जिले के ग्रामीण इलाके में संचालित सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सक एवं कर्मचारियों के समय से न मिलने के कारण इलाज का काफी अभाव है। इसका हकीकत जानने के लिए बृहस्पतिवार की रात जब अमर उजाला की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा पहुंची तो अस्पताल के चिकित्सक समेत सभी कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिलेे। रजिस्टर में नाम दर्ज करने के बाद कुछ आवास में सो रहे थे, तो कुछ अन्यत्र गए हुए थे।
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रात करीब 10.12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के मुख्य दरवाजे से होकर अंदर प्रवेश किए। कुर्सियां खाली मिलीं। अंदर चारो तरफ बिजली की रोशनी प्रर्याप्त थी। दाहिनी तरफ स्थित पौथालाजी और दवा कक्ष बंद था। सामने चिकित्साधिकारी कक्ष भी बंद मिली। जबकि बांयी तरफ टेली मेडिसीन कक्ष पर ताला लटक रहा था। 10.14 बजे प्रसूती कक्ष और आपरेेेशन कक्ष में भी एकांत पसरा हुआ था। यहां भी एएनएम और स्टाफ नर्स तक ड्यूटी पर नहीं थी। 10.17 बजे ऊपर के वार्ड में पहुंचने पर वहां ताला लटक रहा था। नीचे आने के बाद आवाज देने पर भी कोई नहीं मिला। सीएचसी पर दूसरे रास्ते से बाहर निकलने के बाद 10.35 बजे वहां मौजूद एक व्यक्ति ने चिकित्साधिकारी रवि वर्मा को फोन किया, लेकिन वह क्षेत्र मेें मौजूद नहीं थे। जबकि इमरजेंसी कक्ष में चार और प्रसूती कक्ष में दो लोगों की ड्यूटी लगी थी। सीएचसी पर कुल छह लोगों की ड्यूूटी लगी थी। इनमें डा. रवि वर्मा के साथ एक फार्मासिस्ट प्रताप भानू सिंह के साथ ही वार्ड ब्याय अरूण कुमार और सफाई कर्मी शशि बिंदू तथा प्रसूती कक्ष में स्टाफ नर्स सरिता कुशवाहा और एनम नीलम यादव शामिल हैं। इनका नाम केवल ड्यूटी रजिस्टर में अंकित था। सभी कक्षों के दरवाजे बाहर से बंद थे।
इस संबध में चिकित्सा अधीक्षक डा मनोज चौरसिया ने बताया कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, वह खाना खाने के लिए अपने कमरे में गए होंगे, कुछ देर में आ जाएंगे। जबकि टीम करीब एक घंटे तक वहां उनका इंतजार करने के बाद वहां से वापस हो गई। इलाके के लोगों ने बताया कि यह रोज की दशा है। यहां रात में कोई ड्यूटी करना नहीं चाहता और न मौजूद रहता है।
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