सेमरा और शिवरायकापुरा के कटान पीड़ितों ने मंगलवार को जूनियर हाईस्कूल परिसर में बैठक कर स्थानीय प्रशासन की ओर से शेरपुर ग्राम पंचायत में भूमि चिह्नित कर उसे खरीदकर आवंटित किए
जाने का विरोध किया। पीड़ितों का कहना था कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भूमि नहीं लेंगे। बैठक में पीड़ितों ने प्रशासन पर कुछ लोगों को लाभ प्रदान करने के लिए सर्किल रेट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में
भूमि खरीदकर आवंटित करने के फैसले की निंदा की। कहा कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अपना आशियाना कतई नहीं बनाएंगे।
इस दौरान लोगों ने कहा कि शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन अगर पीड़ितों को बसाने के प्रति ईमानदार है तो खरीदी जाने वाली जमीन की दर समाचार पत्रों में
प्रकाशित करा दें ताकि जिस व्यक्ति को जमीन बेचनी होगी, वह आवेदन कर सकेगा। उन्होंने सेमरा गांव के उत्तर तरफ या गाजीपुर-बलिया मार्ग के उत्तर में उन्हें बसाए जाने की मांग की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथ गुप्त ने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से 558 लोगों की उसी सूची के अनुसार सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रशासन सूची में
तोड़-मरोड़कर पीड़ितों में झगड़ा लगाने का काम कर रहा है। कैम्पों में सुविधाओं के अभाव में पीड़ित ठंड से मर रहे हैं। उनके बचाव की व्यवस्था किसी स्तर से नहीं की जा रही है।
इस अवसर पर काशीनाथ उपाध्याय, श्रीनारायण, शिवकुमार, लालबिहारी, शिवमुनि, रामनाथ, अमरनाथ, गंगिया, राजेंद्र राम, मुखराज, परमेश्वर, बादामी आदि उपस्थित थी।