फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भद्रा पुच्छ में कल होगा होलिका दहन रात 12:50 से 2:02 बजे तक शुभ मुहूर्त

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। फाल्गुन पूर्णिमा पर होने वाले होलिका दहन का इस बार विशेष ज्योतिषीय महत्व है। शेरपुर गांव निवासी ज्योतिषाचार्य मुनींद्र नाथ उपाध्याय ने बताया कि 2 मार्च को रात्रि पर्यंत भद्रा रहने के कारण होलिका दहन भद्रा के पुच्छ काल में ही किया जाना शुभ रहेगा। यह शुभ मुहूर्त रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे के मध्य रहेगा।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:18 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च को शाम 4:33 बजे तक रहेगी। सूर्यास्त 5:46 बजे होगा। शास्त्रों के अनुसार प्रदोष काल में, भद्रा रहित पूर्णिमा में होलिका दहन करना श्रेष्ठ माना गया है। यदि भद्रा का प्रभाव हो तो उसके मुख काल का त्याग कर पुच्छ काल में दहन करना चाहिए। भद्रा के मुख में होलिका दहन को अशुभ बताया गया है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण रहेगा, जबकि 4 मार्च को चैत्र कृष्ण प्रतिपदा के दिन होली (बसंत उत्सव) मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार सदस्य को होलिका में घी में भिगोई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अर्पित करना चाहिए।
राशि के अनुसार ये करें अर्पित

राशि अनुसार उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि मेष राशि के लोग गुड़ व मसूर, वृषभ कपूर या सरसों, मिथुन चने की दाल, कर्क अनाज की बालियां, सिंह जौ, कन्या पीली सरसों, तुला मिश्री, वृश्चिक चावल, धनु गुड़, मकर काले तिल, कुंभ काले चने और मीन राशि के जातक हल्दी या जीरा होलिका दहन में अर्पित करें। इससे ग्रहजनित बाधाएं कम होकर सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें