बीते रविवार को रात 12 बजे शहर के सकलेनाबाद के पास हाईटेंशन का तार टूटने
से लालदरवाजा फीडर की आपूर्ति ठप हो। इससे दर्जनों मुहल्ले अंधरे में डूब
गए। ठंड का मौसम होने से रात में तो लोगों को काफी दिक्कत नहीं हुई, लेकिन
सुबह पानी के लिए पसीना बहाना पड़ा।
दूसरे दिन सोमवार की शाम 3 बजे तक तार
को दुरुस्त कर आपूर्ति सुचारू नहीं की जा सकी थे, जिससे बिजली पर आधारित
कारोबारियों को धंधा चौपट हो गया।रोज की तरह रविवार की रात भी 11 से 12
बजे तक बिजली कटौती की गई थी। रात में 12 बजे जैसे ही आपूर्ति शुरू हुई,
सकलेनाबाद के बाद हाईटेंशन का तार तेज आवाज के साथ टूटकर सड़क पर गिर पड़ा।
शार्ट सर्किट होने की वजह सकलेनाबाद से लेकर विशेश्वरगंज तक तीन स्थानों
पर तार टूटने के साथ ही कई खंभों का इंस्यूलेटर फटने के साथ ही इंगल झुक
गया। तार टूटने से सकलेनबाद, तिलकनगर कालोनी, विशेश्वरगंज, महुआबाग, आमघाट,
मिश्रबाजार, जिला अस्पताल, लालदरवाजा, पचरस्ता, ददरीघाट संगतकला आदि
मुहल्लों की बत्ती गुल हो गई। पूरी रात आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा।
बत्ती
गुल होने से घरों में कैद लोगों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा,
लेकिन मार्ग पर आवागमन करने वालों को अंधेरे की वजह से दिक्कत हुई। शाम
तीन बजे आपूर्ति सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
संयोग रहा कि नहीं हुआ हादसा
गाजीपुर।
ऊपर वाले का करम रहा कि दिन में तार टूटने की घटना नहीं हुई, वरना किसी
बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सका है। गाजीपुर-वाराणसी मार्ग
चौबीसों घंटा जहां वाहनों की दबाव बना रहता है, वहीं देर तक लोग पैदल
आवागमन करते हैं। सकेनाबाद मुहल्ला के लोगों ने रात में तेज आवाज के साथ
तार टूटकर गिर गया और कुछ देर तक तेज जलता रहा। यह संयोग ही रहा कि जिस
दौरान तार टूटकर गिरा, उस दौरान सड़क खाली थी।
रात में 12 बजे
आपूर्ति शुरु होते ही सकलेनाबाद के पास हाईटेंशन का तार टूटकर गिर गया। तीन
जगह से तार टूटने की वजह से रात में दुरुस्त नहीं कराया जा सका। दूसरे दिन
घंटों मशक्कत के बाद तार को ठीक कर शाम 3 बजे फीडर की आपूर्ति सुचारू कराई
गई।
अकबर अली, जेई प्रकाशनगर उपकेंद्र।