फर्जी मुकदमों की वापसी और निलंबन समाप्त करने समेत अन्य मांगों को लेकर विद्युत कर्मियों ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को लाल दरवाजा पावर हाउस परिसर में भूख हड़ताल कर विरोध दिवस मनाया।
इस मौके पर संयोजक निर्भय नरायण सिंह ने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 6 नवंबर के बाद कभी भी समिति के आह्वान पर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि 17 सूत्री मांगों का एजेंडा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है।
इसके प्रथम चरण में 26 अक्तूबर को काला फीता बांधकर विरोध दिवस मनाया गया। द्वितीय चरण में गुरुवार को विद्युत कर्मियों ने उपवास रखकर विरोध दिवस मनाया। 6 नवंबर से नियमानुसार कार्य किया जाएगा। बावजूद इसके मांगों का समाधान, विद्युत कर्मियों पर 10 फरवरी 2015 को किए फर्जी मुकदमों की वापसी, उनका निलंबन समाप्ति आदि के संबंध में प्रभावी कार्रवाई समय रहते नहीं की गई तो 6 नवंबर के बाद कभी भी संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
वरिष्ठ नेता शिवदर्शन सिंह ने सरकार से राज्य विद्युत परिषद गठन की मांग की। पीएन तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मियों को विभाग से सीधे चेक से भुगतान एवं ईपीएफ राशि को कर्मचारी के खाते में विभाग ही जमा कराए। वरिष्ठ नेता विजयशंकर राय ने कहा कि विद्युत कर्मियों एवं पेंशनरों को दी जा रही बिजली की सुविधा को समाप्त करते हुए उन्हें एलएमवी-1 की श्रेणी में रखने के लिए आदेश को वापस लिया जाए।
संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारी का वेतन देने की मांग की। इस अवसर पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका दुबे, बीटीसी जिलाध्यक्ष अनंत सिंह, यूपी फेडरेशन मिनिस्ट्रियल के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, सिंचाई संघ मंडल के अध्यक्ष सुभाष सिंह, चंद्रिका सिंह, इंद्रपाल सिंह, प्रवीण सिंह, संजय यादव, भानू प्रताप कुशवाहा, शशिकांत, पीताम्बर आदि मौजूद थे। अध्यक्षता रामाधार यादव तथा संचालन अरविंद कुशवाहा ने किया।