सुबह से ही आग बरस रही सूर्य किरणों से दोपहर होते- होते शहर सहित ग्रामीण सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। तीखी धूप लोगों के लिए मुसिबत बनी हुई है। गर्म हवाओं के थपड़े शरीर को झुलसा रहे हैं। ऐसे में लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। मंगलवार को अधिकतम 44 तो न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया। इधर जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार, सर्दी और खांसी के 200 मरीज उपचार कराने पहुंच रहे है। ऐसे में डॉक्टरों ने एहतियात एवं सतर्कत बरतने की सलाह दी है। अप्रैल के महीने में ही लू के थपेड़ों से लोगों की हालत पस्त हो गई है। दोपहर होते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं, जरूरी काम से ही घर से बाहर निकल रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी इसके पहले कभी नहीं पड़ी। इस बार स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। चिलचिलाती धूप चेहरे को जलाने जैसा महसूस करा रही है।गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। सुबह छह बजे के बाद ही सूर्य की किरण आग बरसाना शुरू कर दे रही है। सुबह नौ बजे तो आग बरसने लग रहा है। ऐसे में सड़कों पर साइकिल और बाइक सवारों का चलना दुश्वार हो चुका है। पैदल भी लोग घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। इधर खेतों में गेहूं की कटाई और मड़ाई करने में जुटे किसान काफी परेशान हैं। वहीं तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते सब्जी की फसल सूखने लग रही है, एक से दो दिन के अंतराल पर सिंचाई करना पड़ रहा है। यहीं नहीं इस गर्मी का सबसे ज्यादा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। प्रतिदिन जिला अस्पताल के ओपीडी में 200 के आस-पास बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित मरीज अपना उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि प्रतिदिन बुखार, सर्दी और खांसी के मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में एहतियात और सतर्कता बरतना जरूरी है।