अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, एमपी एमएलए कोर्ट रामशुध सिंह की अदालत में 21 साल पुराने बहुचर्चित उसरी चट्टी हत्याकांड में गवाह रमेश राम की शेष जिरह के लिए 22 नवंबर की तिथि नियत की गई है। बुधवार को गवाही की तिथि तय थी लेकिन पीठासीन अधिकारी के नहीं होने के कारण सुनवाई टाल दी गई।
बतातें चले कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दिन में 12 :30 बजे उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग की। इसमें मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई और वहीं रुस्तम उर्फ बाबू घायल हो गया।
इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी। मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थीं। इस मामले में मुख्तार अंसारी की ओर से बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई।