गाजीपुर। राजकीय मेडिकल कालेज में प्रोफेसरों एवं डॉक्टरों की तैनाती का कार्य तेजी से चल रहा है। माइक्रो बायोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिसिन एवं एनाटमी विभाग के संचालन के लिए चार सहायक असिस्टेंट प्रोफेसरों के बाद दो और असिस्टेंट प्रोफेसरों ने पदभार ग्रहण कर लिया है। ऐसे में इनकी संख्या छह हो चुकी है। जबकि तीन दिन पूर्व 23 एमबीबीएस की तैनाती हो चुकी है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले को अब राहत मिलती दिख रही है। उपचार के लिए उन्हें गैर जिलों एवं निजी अस्पतालों में महंगे उपचार के साथ चक्कर काटने से छुटकारा मिल जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज का भवन अभी पूर्ण होने में करीब एक से दो माह लग सकता है। संक्रमण के चलते पात्रता परीक्षा न होने से फिलहाल मेडिकल कालेज में कक्षाएं संचालित होने में देरी है। ऐसे में छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई के दौरान सहयोग करने और भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए तैनात एमबीबीएस (नान पीजी रेजिडेंट) डाक्टरों के आने से जिला अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा उपचार को लेकर डॉक्टरों के साथ जहां रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं इन विशेषज्ञ डॉक्टरों से मरीज परामर्श भी ले सकेंगे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज के लिए एनाटमी एवं फीजियोलॉजी विभाग के दो और असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदभार ग्रहण करने से संख्या छह हो चुकी है। तीन दिन पूर्व तक 23 एमबीबीएस ने जिला अस्पताल में पदभार ग्रहण कर लिया था।