रोहित वेमुला की आत्महत्या और देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनका वश चले तो वे दिन भर में जातिवाद दूर कर दें। संविधान की मूल भावना समानता और न्याय है। अशोक का
शासन लोक कल्याण और समानता की नीतियों पर आधारित था और आज के संविधान की मूल भावना भी समानता और न्याय ही है। समाज में इन दोनों के होने पर ही शांति कायम रहती है। वे सम्राट अशोक क्लब की बीसवें स्थापना
दिवस पर जमानिया के लटिया गांव में मंगलवार को आयोजित लटिया महोत्सव में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री तय समय से 34 मिनट विलंब से 1.34 पर पहुंचे और लटिया अशोक स्तंभ के सामने पंचशील दीप जलाने
और पूजन के बाद सम्राट अशोक की शासन नीति एवं भारत का संविधान विषय परिचर्चा में नीतीश कुमार ने कहा
कि समानता और न्याय पर आधारित समाज में किसी तरह के फसाद की कोई जगह नहीं रह जाती है। हैदराबाद में रोहित वेमुला का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्भाग्य है, आज विश्वविद्यालय में जातिवाद और प्रताड़ना का शिकार होकर
छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। हमारा वश चले तो किसी दिन शाम होने तक जातिवाद खत्म कर दूं।
उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज जिनके पास संगठन हैं, उनके विचार ठीक नहीं है। जब
तक संगठन और विचार दोनों ठीक नहीं होंगे समाज का भाला नहीं होगा। सम्राट अशोक क्लब के पास विचार है तो उन्हें अशोक के विचारों का प्रचार भी करना चाहिए। कहा कि आपके आग्रह पर ही बिहार में अशोक जयंती पर
अवकाश घोषित किया गया। जब कभी कोई साधारण व्यक्ति शीर्ष पर पहुंचा तो उसने बड़े काम किए हैं। अपने विचारों और कार्यों के चलते ही आज हम अशोक को याद करते हैं। उनके तमाम शिलालेख नष्ट हो गए हैं, जितने बचे हैं उनसे
हम उनको जानने-समझने का प्रयास कर रहे हैं। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में लगे हैं। इसके लिए पटना में बुद्ध स्मृति पार्क, वैशाली में स्तूप का निर्माण कराया जा रहा है। इस मौके पर पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह,
सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. दीनानाथ मौर्य, अशोक मिशन के अध्यक्ष लामा लोब्जंग, राज्य सभा सांसद आरसीपी सिंह, डा. सच्चिदानंद मौर्य, शत्रुघ्न शाक्य, मनोज कुमार, बिहार प्रभारी दयानंद मौर्य, रवींद्र मौर्य, ओबेदुर्रमान,
स्वास्थ्य मंत्रालय के कंट्रोलर संतोष, रामअवध यादव, धनंजय मौर्य आदि मौजूद रहे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुरातत्व के अधिकारियों से लटिया गांव स्थित अशोक स्तंभ के बारे में जानकारी हासिल की। अधीक्षण पुरातत्वविद केसी श्रीवास्तव ने उन्हें बताया कि स्थानीय निवासियों कहना है कि कभी यहां
राजा मदन ने मदनेश्वरन मंदिर बनवाया था। इस158 मीटर लंबे और 61 मीटर चौड़े टीले के के मंदिर दबा हो सकता है। ऊपर निकला यह स्तंभ उसी मंदिर का गरुड़ स्तंभ प्रतीत होता है। बलुआ पथर से निर्मित स्तंभ का वर्गाकार तथा
भूमि से 75 सेमी ऊंचा है। स्तभ के ऊपर घंटा की आकृति वाला शीर्षक है जिसके ऊपर आठ दिशाओं के आठ सिंह बने हैं। शिल्प तथा भीतरी स्तम्भ से इसकी समानता के आधार पर इसको गुप्तकालीन माना जाता है। यहां से पुरातात्विक महत्व के लाल और काले ओपदार मृदभांड के टुकड़े मिले हैं। यह इलाका पुरातत्व विभाग के पास है। इससे पहले पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
लटिया महोत्सव के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र और पुलिस अधीक्षक राम किशोर खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। जमानिया में
हाईवे से लटिया संपर्क मार्ग पर कार्यक्रम स्थल तक तैनात पुलिसकर्मी किसी को सड़क पर खड़े नहीं दे रहे थे। हाईवे के पास ही चारपहिया वाहनों को खड़ा करा दिया गया था। यहां से लटिया की दूरी करीब तीन किलोमीटर तक है।