सादात थाना क्षेत्र के मखदूमपुर चट्टी पर बुधवार की दोपहर यात्री बस से संदिग्ध अवस्था में गिरकर एक विकलांग युवक की मौत हो गई। घटना से गुस्साएं ग्रामीणों ने सैदपुर-सादात मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मुआवजा और बस का परमिट निरस्त करने का आश्वासन देकर करीब साढ़े छह बजे जाम समाप्त कराया और शव को कब्जे में ले लिया।
सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के रामदासपुर निवासी विकलांग संतोष सिंह (40) दोपहर में वाराणसी से चिरैयाकोट जाने वाली प्राइवेट बस में सवार होकर मखदूमपुर में किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान मखदूमपुर चट्टी पर दिन में करीब ढाई बजे बस से नीचे गिर पड़ा। सर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसका मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक रफ्तार बढ़ाकर भागने लगा। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना सादात पुलिस को दी। बहरियाबाद में पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया। घटना से गुस्साएं लोगों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा और दुर्घटना करने वाली बस का परमिट निरस्त करने की मांग को लेकर सैदपुर-सादात मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। जाम होते ही मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया।
जाम की जानकारी होते ही तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन किसी सक्षम अधिकारी और बस मालिक को घटनास्थल पर बुलाने की जिद्द पर अड़े रहे। इस पुलिस अधिकारी ने एसडीएम सूचना दी। सैदपुर एसडीएम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और घंटों ग्रामीणों से वार्ता किया। ग्रामीणों को मृतक के परिवार वालों को मुआवजा और बस चालक एवं कंडेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद देर शाम करीब साढ़े छह बजे जाम समाप्त हुआ। पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने लाई। लोगों में यह चर्चा थी कि परिचालक से दिव्यांग संतोष सिंह की किराए को लेकर नोक-झोंक हुई थी। इस दौरान परिचालक ने उसे चलकी बस से धक्का दे दिया था। इस संबंध में एसपी सिटी केशवचंद गोस्वामी ने बताया कि अभी पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिचालक द्वारा दिव्यांग को धक्का देने के मामले की भी जांच कराई जाएगी।