वीर अब्दुल हमीद के योगदान को देशवासी कभी नहीं भुला सकते। उनकी कुर्बानियों से प्रेरणा लेते हुए हमें भी राष्ट्रहित में काम करना चाहिए। उनकी कुर्बानी अविस्मरणीय है। जिस तरह से उन्होंने 1965 के युद्ध में पाकिस्तानी पैटन टैंकों को नेस्तनाबूद किया वह उनकी देशभक्ति को दर्शाता है। यही वजह थी कि सरकार ने उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया। ये विचार प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को दुल्लहपुर के धामूपुर में आयोजित वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।
शिवपाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वह शहीद की देशभक्ति से प्रेरणा लेते हुए देश की रक्षा के प्रति संकल्प लें। देश की सुरक्षा व्यवस्था पर कहा कि गलत विदेश नीति के चलते पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन भारत के मित्र से शत्रु बन गए हैं। आज दोनों पड़ोसी देश भारत को धमकी दे रहे हैं। इससे पूर्व शिवपाल सिंह यादव ने शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि देश के लिए कुर्बानी देने वाले अब्दुल हमीद की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता के योगदान को भूला पाना संभव नहीं है। इसके अलावा पंचायती राज्य मंत्री कैलाश यादव, धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र, विधायक शादाब फातिमा और सुब्बा राम ने भी शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। कहा कि अब्दुल हमीद ने अपनी कुर्बानी से देश का नाम तो रोशन किया साथ ही जवानों को एक नया जोश भी दिया। देश के लिए उनकी कुर्बानी हमेशा याद रखी जाएगी।
इस अवसर पर नेहरु युवा केेंद्र की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मुम्बई से आए कलाकारों ने भी सुरों का जादू बिखेरा। कार्यक्रम में लालजी यादव, मन्नू सिंह, प्रेम सिंह रतन, अनिल मद्वेशिया, राजेश मद्धेशिया, विनय शुक्ला, राजेश पटेल, रामजन्म कवि, श्यामलाल यादव, डा. आरपी पांडेय, विनय मुद्गल, जर्नादन, रियाशत अली सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहीद की पत्नी रसूलन बीबी ने किया। जबकि स्वागत और आभार शहीद के पौत्र जमील आलम ने किया।