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लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही सरकार

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जखनिया। भाकपा (माले), अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सवालों को लेकर बृहस्पतिवार को स्थानीय तहसील पर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर हुई सभा में पार्टी के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि मोदी-योगी सरकार किसानों, मजदूरों, युवाओं की जिंदगी से जुडे़ ज्वलंत सवालों को उठाने से रोकने के लिए दमन और फर्जी मुकदमा लादने की धमकी देकर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। दुनिया भर के देश 20 हजार से लेकर 40 हजार तक अपने देश के आम लोगों को गुजारा भत्ता दे रहे हैं। विश्व गुरु बनने का सपना दिखाने वाली सरकार गरीबों मजदूरों को क्यों नहीं दस हजार रुपये महीना भत्ता दे रही है। उन्होंने बिजली बिल माफ करने एवं रसोई गैस का दाम हाफ करने की मांग उठाई। जिला सचिव ने कहा कि योगी सरकार की किसान विरोधी मानसिकता की मार अन्नदाता झेल रहे हैं। आवारा पशु किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए दिन रात जागना पडा़। अ.भा. किसान महासभा के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह ने कहा कि सरकार सम्मानजनक रोजगार देने के बजाए कोल, रेल, बिजली का निजीकरण और सरकारी नौकरियों को खत्म कर रही है। शिक्षा, रोजगार सब दांव पर है। सभा में उजागिर राम, लालबहादुर, मुन्ना, रामजन्म, बेचू वनवासी, हंसा देवी, सुरेश कुशवाहा, रामवृक्ष मौर्य, नंदकिशोर बिंद, आजाद यादव ने विचार व्यक्त किया।
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