गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत 18वें बैच का प्रवासी मजदूरों-सेवामित्रों के लिए आयोजित ‘‘एकीकृत कृषि प्रणाली’’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बृहस्पतिवार को हुआ। इस दौरान एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए किसानों को स्वरोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया। मृदा विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने कहा कि एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाकर किसान स्वरोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। अपने परिवार के सदस्यों के अलावा दूसरे किसानों को भी रोजगार दे सकते हैं। विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि कृषि को अधिक लाभकारी एवं भरोसेमंद बनाने के लिए अन्य सहायक व्यवसाय जैसे फसल, बागवानी, डेयरी, मछली पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन आदि को समन्वित एवं एकीकृत करना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केंद्र में महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। डॉ. डीके सिंह ने कहा कि महिलाएं आज सभी क्षेत्रों में आगे आकर अपनी शक्ति का परिचय दे रही हैं। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य कृषि तथा संबंधित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि करना है। कार्यक्रम में महिला किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. डीपी श्रीवास्तव, आशीष कुमार वाजपेयी, मनोज कुमार मिश्रा, आशुतोष सिंह, डॉ. पीके सिंह, सुनील कुमार, कपिलदेव शर्मा सहित महिलाएं एवं 35 प्रवासी मजदूर उपस्थित थे।