गाजीपुर जिला जेल के बाहर अफजाल अंसारी
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किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि ये जिले में पिछली बार दो सीटें जीते थे। इस बार भी इनकी तीन ही सीट है। मुहम्मदाबाद में काफी शानदार तरीके से नगर पालिका चुनाव में जीत मिली है, इसके लिए सबको मुबारकबाद देता हूं। इस मौके पर पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद, पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा समेत कई लोग मौजूद रहे।
अफजाल अंसारी के जेल से बाहर आने पर सियासी तापमान गाजीपुर जिले का सियासी तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है। अफजाल की संसद की सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव को लगाए जा रहे कयास और चुनावी समीकरण अब बदले नजर आएंगे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन से अफजाल अंसारी ने गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था। 2014 में सांसद बने मनोज सिन्हा को एक लाख से ज्यादा मतों से हराया था।
इसी के साथ गाजीपुर लोकसभा सीट पर बसपा ने पहली बार परचम लहराया था। 2024 के चुनाव में भाजपा हर हाल में इस सीट पर वापसी की जुगत में जुटी है। यही वजह है कि जनवरी माह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गाजीपुर से चुनावी शंखनाद किया था। इस बार सुभासपा भी भाजपा गठबंधन के साथ है। ऐसे में जिले का सियासी समीकरण देखना दिलचस्प होगा।