प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। व्यापारी लूटे जा रहे हैं। किसानों को बर्बाद फसल का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। वह मुआवजे के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। यहां के कुछ मंत्री अपराधियों को संरक्षण
दे रहे हैं। ये बातें प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सरजू पांडेय पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन में प्रमासपा के वरिष्ठ नेता अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास दिए जाने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। इस सरकार में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। प्रदेश महामंत्री दर्विजय बिंद ने कहा कि सपा वादों की सरकार बनकर रह गई है। केवट, बिंद, निषाद,
कश्यप, कहार, प्रजापति, राजभर, नाई, लोहार माली, चौहान, मल्लाह, घीमर, गोड़ आदि जातियों के अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग करते हुए कहा कि इन जातियों का भागीदारी शासन-प्रशासन नगण्य है। शैक्षणिक स्तर
काफी गिरा हुआ है। कहा कि समाजवादी पेंशन, लोहिया आवास आवंटन जांच कराई जाए। इसका लाभ पात्रों को न देकर अपात्रों को दिया जा रहा है। जमानिया ककरैत कांड सीबीआई जांच कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में दधिबल बिंद,
डा. रामउग्रह, संतोष, गौतम मिश्र, रामशब्द सिंह, लोहा सिंह, अरविंद बिंद, निर्मला बलवंत, रामाशीष बिंद, इजहार खां गांधी, राजेंद्र विश्वकर्मा, रमेश निषाद, राधेश्याम प्रजापति, चंद्रिका यादव, रामचंद्र प्रजापति, इंद्रजीत राजभर, प्रभुनाथ राजभर, मूरत राम आदि मौजूद थे। धरना के अंत में पांच सूत्री मांगपत्र प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपा गया।