कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्रदान करने के लिए आठ विद्यालयों में छात्रावास के साथ ही दो ब्लाकों में एकेडमिक ब्लाक का भी निर्माण कराया जा रहा है। कासिमाबाद में भवन निर्माण का काम पूरा कर प्लास्टर किया जा रहा है। खिड़की-दरवाजा, रंगाई-पुताई एवं वायरिंग का काम शेष है। वहीं जखनिया ब्लाक में निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। बालिका शिक्षा की स्थिति सुधारने एवं बालिकाओं को गुणवत्तापरक प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े उन विकासखंडों में खोले गए हैं जहां पर 2011 की जनगणना के अनुसार महिलाओं की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत दर से कम और जेंडर गैप राष्ट्रीय औसत दर से अधिक था। इसके अलावा जिस ब्लाक में पांच प्रतिशत अनुसूचित जाति-जनजाति की आबादी और उनकी महिला साक्षरता दर दस प्रतिशत से कम थी उन ब्लाकों में ये आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। इस विद्यालय की छात्राओं को कक्षा-नौ से बारह तक की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर या उसके पास छात्रावास के साथ ही एकेडमिक ब्लाक का निर्माण कराया जा रहा है। एकेडमिक ब्लाक का निर्माण एक करोड़ 38 लाख से होना है। इसमें चार कक्षा-कक्ष, तीन प्रयोगशाला, एनसीसी रूम, गेम एवं स्टाफ रूम बनना है। विभाग की मानें तो कासिमाबाद में भवन का निर्माण पूरा हो गया है जबकि प्लास्टर का काम किया जा रहा है। खिड़की-दरवाजा, रंगाई-पुताई एवं वायरिंग का काम होना शेष है। उधर जखनिया में एकेडमिक ब्लाक का निर्माण अभी शुरू तक नहीं हुआ है।