सेना द्वारा एक गांव में लगाया गया मेडिकल कैंप
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मोबाइल फोन पर अमर उजाला संवाददाता के साथ हुई बातचीत के दौरान डा. कीर्ति ने बताया कि उनके अभिभावकों की पोस्टिंग प्लेस के अनुसार अलग-अलग शहरों में हुई। अपनी सारी शिक्षा-दीक्षा उन्होंने जालंधर, जम्मू, अहमदनगर, बबीना और झांसी जैसे शहरों के आर्मी स्कूलों से की। उन्होंने बताया कि अभी उनकी तैनाती बंगलुरू हेड क्वार्टर में हुई है। वह अपने गांव को बहुत ही ज्यादा मिस कर रही हैं। छुट्टी मिलते ही वह जल्द ही अपने गांव बभनचक लौटेंगी।