यहां से 27 सामान्य एवं तत्काल रेल आरक्षित ई-टिकट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी कैफे संचालक गौतम वर्मा ने पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाने की बात स्वीकर की। इस दौरान टिकट बनाने में प्रयुक्त एक मॉनिटर, एक सीपीयू, एक बोर्ड, एक लैपटाप व कम्प्यूटर जब्त कर लिया गया। आरोपी ने बताया कि तत्काल एवं ई-टिकट बनाकर जरूरतमंदों को किराये के अतिरिक्त 300 से 500 रुपये अधिक लेकर बेचा जाता है।
आरोपी ने दूसरे आरोपी अरुण कुशवाहा के बारे में बताया कि वह लखनऊ में कही रहकर पढ़ाई करने के साथ रेल ई-टिकट बनाता है। फिलहाल रेलवे पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जुट गई है। गिरफ्तारी टीम में औड़िहार आरपीएफ प्रभारी नरेश कुमार मीणा, देवरिया उप निरीक्षक अबु फरहान गफ्फार, कांस्टेबल विक्रम कुमार आजाद, कांस्टेबल विजय कुमार दीक्षित और गिरिजेश प्रसाद शामिल थे।