Ghazipur News: गाजीपुर जिले की पुलिस ने सपा सांसद अफजाल अंसारी सहित तीन पर प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर असलहे की खरीद-बिक्री से जुड़ी पत्रावली गायब करने के आरोप लगे हैं। तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद व लिपिक गौरी शंकर राम भी नामजद किए गए।
शस्त्र लाइसेंस और असलहे की खरीद-बिक्री से जुड़ी पत्रावली अभिलेखागार से गायब कराने के आरोप में बुधवार को सपा सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और गौरी शंकर राम के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि सपा सांसद ने शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत से गड़बड़ी की थी। अब आईएस- 191 गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। मामले की जांच और कार्रवाई वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर हुई है।
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एसपी डॉ. ईरज राजा ने बुधवार को कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि माफिया मुख्तार अंसारी और उसके परिजनों, आईएस-191 गिरोह के सदस्यों- सहयोगियों के नाम से जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों की खरीद-विक्री की जांच की गई।
जांच दो महीने चली। यूपी के अलग-अलग जिलों के साथ ही दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में जांच टीम गई। शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी पत्रावलियों और उसपर खरीदे गए असलहों का सत्यापन कराया गया। इससे पता चला कि 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 असलहों की खरीद-विक्री की गई है।
एसपी ने बताया कि डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अभिलेखागार में पत्रावलियां नहीं हैं। अफजाल के पत्रावली भी गायव है। यह कलेक्ट्रेट के शस्त्र नाम से जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी2 की लिपिकों की मिलीभगत से संभव हुआ। लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल (नंबर 830405) की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। इसलिए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
अधिकारी बोले
अब तक की जांच में लापरवाही पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस तरह के अन्य मामलों की भी जांच कराई जा रही है। जो भी आरोपी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। -वैभव कृष्णा, डीआईजी रेंज, वाराणसी