गांव के लोगों ने एक-दूसरे के घरों में की तोड़फोड़
सरैया और कासिमपुर हवा में लाठियां भांजकर पुलिस ने खदेड़ा
वर्तमान और पूर्व प्रधान सहित 14 नामजद एवं 80 अज्ञात के खिलाफ केस
मामला, प्रतिमा रखने को लेकर सरैया और कासिमपुर गांव के लोगों में बवाल का
संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। थाना क्षेत्र के सरैया और कासिमपुर गांव में रविवार की देर शाम फिर से बवाल शुरू हो गया। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे के करीब 22 घरों में तोड़फोड़ किया। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हवा में लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ा। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक ने वर्तमान और पूर्व प्रधान सहित 14 नामजद एवं 80 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मालूम हो कि बीते शुक्रवार की देर शाम सरैया गांव के पंचायत भवन में सरस्वती प्रतिमा रखने को लेकर पंचायत की देखदेख करने वाले कासिमपुर के युवक से सरैया गांव के युवकों का विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर शनिवार की सुबह दोनों गांव के लोग आमने-सामने आ गए थे और एक-दूसरे पर पथराव शुुरू कर दिया था। पुलिस ने काफी मशक्कत से हालात पर काबू पाया था। दूसरे दिन रविवार की सुबह भी दोनों गांव के लोगों के बीच पथराव शुरू हुआ। पुलिस ने हवा में लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ते हुए मामला शांत कराया था। शाम को करीब छह बजे फिर से दोनों गांव के लोग एक-दूसरे के घरों में तोड़फोड़ करने लगे। पुलिस ने हवा में लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा। फिर से बवाल होने की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश शुक्ल, सीओ सिटी ओजस्वी चावला के साथ ही जिले के करीब एक दर्जन थानों की पुलिस, बड़ी संख्या में महिला पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। घंटों फोर्स संग पुलिस अधिकारियों ने गांव की गलियों, खेतों की खाक छानी लेकिन दोनों गांव के बवाली पुलिसिया कार्रवाई के भय से फरार हो गए थे। प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा की तहरीर के आधार पर सरैया गांव के वर्तमान प्रधान एवं कासिमपुर के पूर्व प्रधान सहित 14 नामजद एवं 80 अज्ञात बवालियों के खिलाफ एक-दूसरे के घरों में तोड़फोड़ करने, बलवा सहित अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले में फरार अन्य नामजद एवं अज्ञात आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले के मुख्य आरोपियों सरैया के वर्तमान प्रधान एवं कासिमपुर के पूर्व प्रधान को दबोचने के लिए एक विशेष टीम का गठन कर उनके सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है लेकिन अभी वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
कोट
गांव में स्थिति नियंत्रण में होने के साथ ही पूरी तरह शांत है। बवालियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही पहुंच वाला क्यों न हो। दोनों गांव की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स कैंप किए हुए हैं। - चंद्रप्रकाश शुक्ल, एसपी ग्रामीण