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जानबूझ कर लटकाया जा रहा नियुक्ति और वेतनमान के मामले

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गाजीपुर। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति की ओर से चंदन नगर रौजा स्थित जल निगम कार्यालय पर धरना दिया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि हमारी सभी मांगें जायज हैं और इसे पूरा किए जाने तक हमारी लड़ाई चलती रहेगी। विभाग में मृतक आश्रितों की अनुकंपा की नियुक्ति हो या छठे वेतनमान के अवशेष वेतन का भुगतान, सब कुछ जानबूझ कर लटकाया जा रहा है। इसी क्रम में आगे क्रमवार होने वाले आंदोलनों की रूपरेखा भी तय किया गया।
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जिले के प्रवक्ता जितेंद्र सिंह ने कहा कि नगर निकाय एवं जल संस्थानों में सप्तम वेतनमान जनवरी 16 से लागू कर प्रदान कर दिया गया है। जबकि जल निगम में अब तक इसे लागू नहीं किया गया। अभी तो छठा वेतनमान का जनवरी 06 से मार्च 10 तक का बकाया भी नहीं दिया गया है। जल निगम को भी पूर्व की तरह ही राजकीय विभाग बनाया जाना चाहिए। रविशंकर राय ने कहा कि विभाग में मृतक आश्रित और अन्य प्रकार की नियुक्तियों को लंबित रखा गया है और संविदा के आधार पर लोगों को रख कर व्यय भार बढ़ाया जा रहा है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि हमें विभिन्न प्रकार के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक हम अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे। बताया गया कि आगे चार दिसंबर को फिर धरना दिया जाएगा तथा ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद, 11 एवं 12 दिसंबर को लखनऊ में 48 घंटे का उपवास रखा जाएगा। 13 को लखनऊ में ही महारैली निकाली जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अभियंता ब्रह्मानंद, संतोष कुमार, अभिषेक सिंह, सिकंदर पटेल, डीबी सिंह, अश्वनी कुमार, सीबी यादव, प्रभाकर कश्यप, पीयूष कुमार, कुंदन कुमार, पारसनाथ सिंह, धर्मदेव यादव, विजय यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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