सुहवल। थाना क्षेत्र के सुहवल गांव में स्थित बनवासी बस्ती में शनिवार की देर रात अज्ञात कारणों से एक के बाद सात झोपड़ियों में आग लग गई। पुलिस ने लोगों के सहयोग से काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा हजारों का गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया।
सुहवल गांव के दक्षिण तरफ स्थित बनवासी बस्ती के लोग रोज की तरह शनिवार की रात भी खाना खाने के बाद सो गए। रात में करीब एक बजे बेचू वनवासी की झोपडी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। उन्होंने शोर मचाना शुरु कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भी नींद टूट गई और वह झोपड़ी से बाहर निकल गए। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक एक के बाद एक सात झोपड़यों से आग की लपटें उठने लगी। लोग पुलिस को सूचना देने के बाद आग बुझाने में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के साथ आग बुझाने में जुट गई। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। आग की इस घटना में बेचू वनवासी की दो, जितेंद्र वनवासी की एक, उपेंद्र की एक, सोमारू की दो एवं दशरथ वनवासी की एक रिहायशी झोपड़ी जल गई। उसमें रखी चारपाई, कपड़ा, खाद्यान्न, हजारों की नगदी, महत्वपूर्ण कागजात, बर्तन सहित गृहस्थी का हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग में सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। वनवासी बस्ती के लोगों ने अज्ञात लोगों पर झोपड़ी जलाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर आज रविवार को राजस्व कर्मी एवं लेखपाल रामराज ने मौका मुआयना के बाद रिपोर्ट बना उच्चाधिकारियों को सुपुर्द किया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा ने कहा कि बस्ती के लोगों द्वारा अज्ञात लोगों की तरफ से आग लगाने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। उनकी तरफ से मामले की तहरीर भी नहीं दी गई है। फिलहाल छानबीन जारी है।