फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाला छठ: ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। आस्था के सबसे बड़े पर्व डाला छठ के मद्देनजर महानगरों से आने वाली सुपर फास्ट, एक्सप्रेस तथा सवारी गाड़ियों से लेकर बसों में जबरदस्त भीड़ चल रही है। देखा जाए तो जनपद में तीन तरफ से होकर रेल मार्ग गुजरती है। ट्रेनों में छठ पर्व की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। तीनों रूटों से गुजरने वाली मेल, एक्सप्रेस गाड़ियों में तिल रखने की जगह तक नहीं है। यही हाल लंबी दूरी की रोडवेज बसों का है। लोग गाड़ियों के पावदानों पर लटक कर यात्रा कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अभी आने वालों की भीड़ बनी हुई है। छठ पर्व के बाद वापसी के लिए भी भीड़ उमड़ेगी। सरकारी तथा निजी बसों में भी भीड़ की यही हालत बनी हुई है।
विज्ञापन

रोजी- रोजगार तथा विभिन्न नौकरियों के चलते शहरों, महानगरों में रह कर कमाई कर रहे लोग छठ पर्व पर घर लौट रहे हैं। इसके चलते गुजरात, महाराष्ट्र, असोम, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों की ओर से आने वाली गाड़ियों में जबरदस्त भीड़ हो रही है। लोगों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। जिन लोगों ने पहले से आरक्षण करा लिया है वह तो थोड़ा आराम से यात्रा कर पा रहे हैं, लेकिन अचानक यात्रा का कार्यक्रम बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जिले के औड़िहार-बलिया, औड़िहार- गोरखपुर, डीडीयू-पटना आदि सभी रुटों पर चल रही ट्रेनों में भारी भीड़ बनी हुई है। गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर आने वाली गंगा कावेरी, ज्ञानगंगा, सुहेलदेव, गाजीपुर-कोलकाता, स्वतंत्रता सेनानी, सारनाथ, पवन एक्सप्रेस आदि गाड़ियों में पावदान पर लटक कर यात्रा करते लोग दिख रहे हैं। गंतव्य स्टेशन आने के बाद लोगों को उतरने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी प्रकार पटना रूट पर दिलदारनगर और जमानिया में भी गाड़ियों से उतरने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। एलटीटी, जन साधारण, संपर्क क्रांति, फरक्का, विभूति, पंजाब मेल, गुवाहाटी एक्सप्रेस आदि में भी तिल रखने की जगह नहीं है। अधिक सामान लेकर यात्रा करने वालों की भारी फजीहत हो रही है। इसी प्रकार सादात, दुल्लहपुर, जखनिया आदि स्टेशनों पर भी आने वाली गाड़ियों में यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। इसके अतिरिक्त पैसेंजर और डीएमयू गाड़ियों में भी लोकल यात्रियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें