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UP: 48 घंटे में वापस बुलाए गए गाजीपुर के जेलर, मुख्तार की मदद का आरोप; जेल में अवैध PCO संचालन का मामला

Thu, 20 Mar 2025 03:43 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

गाजीपुर जिला जेल में प्राइवेट नंबर से कॉल कराने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई थी। अवैध रूप से जेल के अंदर से फोन कॉल करवाने की पुष्टि होने के बाद डीजी जेल ने जेलर राकेश कुमार वर्मा, डिप्टी जेलर सुखवती देवी को निलंबित कर दिया था।
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गाजीपुर जेल का है मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांदा जिला कारागार में बंद रहे माफिया मुख्तार अंसारी सहित अन्य बंदियों-कैदियों को विशेष सुविधा मुहैया कराने के आरोपों से घिरे गाजीपुर जिला कारागार के नए जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा को 48 घंटे में वापस बुला लिया गया। उनकी जगह लखनऊ जिला जेल से सुनील दत्त मिश्रा को विशेष ड्यूटी पर गाजीपुर भेजने का आदेश जारी हुआ है। 

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डीजी जेल पीवी रामा शास्त्री के मुताबिक, सुनील दत्त मिश्रा का कार्यकाल दो महीने या फिर नई तैनाती तक रहेगा। 17 मार्च को कार्यभार संभालने वाले वीरेंद्र कुमार वर्मा की तैनाती का आदेश बुधवार (19 मार्च) को निरस्त कर दिया गया। वह केंद्रीय कारागार वाराणसी की व्यवस्थाएं देखते रहेंगे।
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जेल में अवैध तरीके से पीसीओ जैसी व्यवस्था संचालित होने के मामले में जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह मऊ के जेल अधीक्षक आनंद शुक्ला को चार्ज सौंपा गया, जो जिम्मेदारी संभाल हैं।

वहीं, निलंबित जेलर राकेश कुमार वर्मा की जगह विशेष ड्यूटी पर गाजीपुर भेजे गए वीरेंद्र कुमार वर्मा को केंद्रीय कारागार वाराणसी वापस बुला लिया गया। वीरेंद्र की तैनाती का आदेश 16 मार्च की देर रात जारी हुआ था। उन्होंने 17 मार्च की सुबह दस बजे कार्यभार संभाला और 19 मार्च की देर शाम तक वापसी का आदेश भी जारी हो गया।

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... तो इसलिए वापस बुलाए गए जेलर
आरोप है कि एक अप्रैल 2023 को बांदा जेल से प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई थी। इसी जेल में माफिया मुख्तार अंसारी भी रखा गया था। इस मामले में तत्कालीन जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा का नाम आया था। तब डीजी जेल रहे एसएन साबत ने वीरेंद्र कुमार वर्मा को हटाकर 20 अप्रैल 2023 को फतेहगढ़ जेल भेज दिया था। 

फतेहगढ़ से सुल्तानपुर जिला जेल का प्रभारी अधीक्षक बनाया गया। बाद में बांदा मामले की जांच में दोषी पाए जाने के बाद 14 जुलाई 2023 को वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया था। करीब 15 महीने के निलंबन के बाद उन्हें नवंबर-2024 में बहाल किया गया और केंद्रीय कारागार वाराणसी में तैनाती दी गई।
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