खेल से नौकरी तक पहुंची करमपुर की प्रतिभाएं
मेघबरन सिंह स्टेडियम के निदेशक एवं पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री की ओर से स्टेडियम की सराहना किए जाने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल नीतियों से खेल युवाओं के लिए सम्मान, नौकरी और सुरक्षित भविष्य का माध्यम बन रहा है। स्टेडियम के संचालक एवं महासचिव अनिकेत सिंह ने चयनित खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और परिजनों को बधाई दी।
1983 में शुरू हुई थी खेल नर्सरी
करमपुर की खेल नर्सरी की शुरुआत वर्ष 1983 में स्वर्गीय ठाकुर तेज बहादुर सिंह (तेजू भैया) ने बांस की डंडियों से की थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को यहां निशुल्क प्रशिक्षण, खेल किट, जूते और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है। स्टेडियम से प्रशिक्षित 500 से अधिक युवा खेल कोटे के माध्यम से भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, रेलवे, उत्तर प्रदेश पुलिस और आयकर विभाग समेत विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।